बेटी की शादी के कार्ड छप चुके थे, लेकिन घर के आँगन में बैठा सुरेश बार-बार कैलकुलेटर पर उंगलियाँ चला रहा था। उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं।…
"बहनजी, सच कहूँ तो आपकी बहू जैसी बहू हर किसी के नसीब में नहीं होती।" पूरे हॉल में बैठे लोगों की नज़रें एक साथ सरला देवी की तरफ उठ गईं। सरला देवी की आ…
“दीदी, आप हमेशा आईने के सामने इतनी देर लगाती हैं! मैं पिछले आधे घंटे से बाहर खड़ी आपका इंतज़ार कर रही हूँ, और आप हैं कि आपकी बिंदी ही सेट नहीं हो रही।” निहारिक…
दोपहर का समय था। घर के आंगन में सन्नाटा पसरा हुआ था। विमला जी अपने कमरे में दोपहर की नींद लेने जा रही थीं, तभी उन्हें अपनी बहू काव्या के कमरे से बात करने की धी…
रात के ग्यारह बज चुके थे। रसोई में बर्तनों की खड़खड़ाहट अभी भी शांत नहीं हुई थी। "आरव, बेटा जल्दी से दूध पीकर सो जा। सुबह तेरी बुआ आने वाली हैं, मुझे बहुत…
“सुमन ताई, आज ये सूखी लाल मिर्च, लहसुन और राई का मसाला आप सिलबट्टे पर पीस देंगी क्या?” काव्या ने रसोई के दरवाज़े पर खड़ी अपनी कामवाली ताई से बेहद झिझकते हुए और…
चूल्हे पर रखे भगोने में चाय का पानी उबल रहा था और उसमें से उठती भाप के बीच सुमित्रा अपनी ही ख्यालों की दुनिया में खोई हुई थी। आज घर में गजब की गहमागहमी थी। सुम…
विवाह के मंडप में जब अंजलि ने सात फेरे लिए थे, तो उसकी आँखों में भविष्य को लेकर कई सुनहरे सपने तैर रहे थे। एक मध्यमवर्गीय परिवार की पढ़ी-लिखी लड़की अंजलि ने हम…
“मम्मी जी, मेरी माँ की तबियत खराब है |पापा ने सुबह फोन किया था| मैं दो चार दिन के लिए मायके जाना चाहती हूँ |” नैना ने सुबह की चाय देते हुए अपनी सासू माँ मालती …
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