‘‘बेटा, तुम भी चिता में लकड़ी लगाने में मदद करो,’’ दूर खड़ी राधा ने अपने इंजीनियर बेटे अनुज से कहा. देखतेदेखते चिता भरभरा कर जलने लगी. राधा की आंख से आंसू की ब…
उस रात मम्मी ऐसी सोईं कि फिर जागी ही नहीं. उन के इस अचानक निधन पर हम सब एकदम सन्न रह गए थे. न किसी बीमारी के लक्षण न आशंका. घर में 2-2 डाक्टरों के होते हुए भी …
उस दिन मेरे पिता की बरसी थी. मैं पिता के लिए कुछ भी करना नहीं चाहता था. शायद मुझे अपने पिता से घृणा थी. यह आश्चर्य की बात नहीं, सत्य है. मैं घर से बिलकुल कट गय…
बेटी की शादी के कार्ड छप चुके थे, लेकिन घर के आँगन में बैठा सुरेश बार-बार कैलकुलेटर पर उंगलियाँ चला रहा था। उसके चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं।…
"बहनजी, सच कहूँ तो आपकी बहू जैसी बहू हर किसी के नसीब में नहीं होती।" पूरे हॉल में बैठे लोगों की नज़रें एक साथ सरला देवी की तरफ उठ गईं। सरला देवी की आ…
“दीदी, आप हमेशा आईने के सामने इतनी देर लगाती हैं! मैं पिछले आधे घंटे से बाहर खड़ी आपका इंतज़ार कर रही हूँ, और आप हैं कि आपकी बिंदी ही सेट नहीं हो रही।” निहारिक…
दोपहर का समय था। घर के आंगन में सन्नाटा पसरा हुआ था। विमला जी अपने कमरे में दोपहर की नींद लेने जा रही थीं, तभी उन्हें अपनी बहू काव्या के कमरे से बात करने की धी…
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