मुझे गुमसुम और उदास देख कर मां ने कहा, ‘‘क्या बात है, रति, तू इस तरह मुंह लटकाए क्यों बैठी है? कई दिन से मनोज का भी कोई फोन नहीं आया. दोनों ने आपस में झगड़ा क…
अरुणा को जब पता चला कि उस की बहन आशा पुणे से नोएडा पिताजी के पास 4-5 दिनों के लिए रहने के लिए आ रही है, तो उस ने एक पल भी नहीं गंवाया सोचने में और उस से मिलने …
यह उस समय की बात है जब मैं 11वीं में पढ़ता था और लाजो 10वीं में. हम दोनों ही एक ही गांव के थे. स्कूल साथ आयाजाया करते थे. पढ़ने में हम दोनों ही तेज थे. वह जाट …
पूजा सुबह से गुमसुम बैठी थी. आज उस की छोटी बहन आरती दिल्ली से वापस लौट रही थी. उस को आरती के वापस आने की सूचना रात को ही मिल चुकी थी. साथ ही इस बात की भनक भी म…
शोभा दीदी की चालबाजियों को अच्छी तरह समझती थी मैं. छोटी बहन थी मैं, बचपन से उन की चालाकी, दोगलेपन का शिकार बनती आई थी लेकिन अब उन की बहू चारू को उन के ‘‘कितना …
शमा के लिए रफीक का रिश्ता आया. वह उसे पहले से जानती थी. वह ‘रेशमा आटो सर्विस’ में मेकैनिक था और अच्छी तनख्वाह पाता था. शमा की मां सईदा अपनी बेटी का रिश्ता लेने…
कहानी
Social Plugin