“दीदी, आप हमेशा आईने के सामने इतनी देर लगाती हैं! मैं पिछले आधे घंटे से बाहर खड़ी आपका इंतज़ार कर रही हूँ, और आप हैं कि आपकी बिंदी ही सेट नहीं हो रही।” निहारिक…
दोपहर का समय था। घर के आंगन में सन्नाटा पसरा हुआ था। विमला जी अपने कमरे में दोपहर की नींद लेने जा रही थीं, तभी उन्हें अपनी बहू काव्या के कमरे से बात करने की धी…
रात के ग्यारह बज चुके थे। रसोई में बर्तनों की खड़खड़ाहट अभी भी शांत नहीं हुई थी। "आरव, बेटा जल्दी से दूध पीकर सो जा। सुबह तेरी बुआ आने वाली हैं, मुझे बहुत…
“सुमन ताई, आज ये सूखी लाल मिर्च, लहसुन और राई का मसाला आप सिलबट्टे पर पीस देंगी क्या?” काव्या ने रसोई के दरवाज़े पर खड़ी अपनी कामवाली ताई से बेहद झिझकते हुए और…
चूल्हे पर रखे भगोने में चाय का पानी उबल रहा था और उसमें से उठती भाप के बीच सुमित्रा अपनी ही ख्यालों की दुनिया में खोई हुई थी। आज घर में गजब की गहमागहमी थी। सुम…
विवाह के मंडप में जब अंजलि ने सात फेरे लिए थे, तो उसकी आँखों में भविष्य को लेकर कई सुनहरे सपने तैर रहे थे। एक मध्यमवर्गीय परिवार की पढ़ी-लिखी लड़की अंजलि ने हम…
“मम्मी जी, मेरी माँ की तबियत खराब है |पापा ने सुबह फोन किया था| मैं दो चार दिन के लिए मायके जाना चाहती हूँ |” नैना ने सुबह की चाय देते हुए अपनी सासू माँ मालती …
“कोई फोन आया अजय का?” घर में प्रवेश करते हुए माँ ने रीति से पूछा। “नहीं माँ और आएगा भी नहीं। आप समझती क्यों नहीं हैं?” रीति ने कहा। माँ ने सिर हिलाते हुए कहा,…
कैसी हो बहुरिया, अब कौन सा महीना चल रहा है ,बताओ तो.. सोसायटी में सफाई करने आती परसन्दी काकी ने कुछ ही समय पहले रहने आये रितेश की पत्नी रीमा से पूछा… रितेश और…
रसोई में दाल छौंकने की खुशबू के साथ-साथ एक अजीब सी घुटन भी फैल रही थी। सुबह के दस बज रहे थे और नेहा के हाथ मशीन की तरह चल रहे थे। एक तरफ गैस पर कुकर सीटी दे रह…
दोपहर के करीब दो बज रहे थे। डाइनिंग टेबल पर जूठे बर्तनों का ढेर लगा था और विशाखा जल्दी-जल्दी उन्हें समेट कर सिंक में डाल रही थी। अभी-अभी उसके पति सुमित और दोनो…
अंजलि जब शादी के बाद पहली बार अपने ससुराल आई थी, तो उसके मन में कई तरह की आशंकाएं और डर थे। समाज में सास-ससुर और ससुराल को लेकर जो धारणाएं बनी हुई हैं, वे किसी…
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