चूल्हे पर रखे भगोने में चाय का पानी उबल रहा था और उसमें से उठती भाप के बीच सुमित्रा अपनी ही ख्यालों की दुनिया में खोई हुई थी। आज घर में गजब की गहमागहमी थी। सुम…
विवाह के मंडप में जब अंजलि ने सात फेरे लिए थे, तो उसकी आँखों में भविष्य को लेकर कई सुनहरे सपने तैर रहे थे। एक मध्यमवर्गीय परिवार की पढ़ी-लिखी लड़की अंजलि ने हम…
“मम्मी जी, मेरी माँ की तबियत खराब है |पापा ने सुबह फोन किया था| मैं दो चार दिन के लिए मायके जाना चाहती हूँ |” नैना ने सुबह की चाय देते हुए अपनी सासू माँ मालती …
“कोई फोन आया अजय का?” घर में प्रवेश करते हुए माँ ने रीति से पूछा। “नहीं माँ और आएगा भी नहीं। आप समझती क्यों नहीं हैं?” रीति ने कहा। माँ ने सिर हिलाते हुए कहा,…
कैसी हो बहुरिया, अब कौन सा महीना चल रहा है ,बताओ तो.. सोसायटी में सफाई करने आती परसन्दी काकी ने कुछ ही समय पहले रहने आये रितेश की पत्नी रीमा से पूछा… रितेश और…
रसोई में दाल छौंकने की खुशबू के साथ-साथ एक अजीब सी घुटन भी फैल रही थी। सुबह के दस बज रहे थे और नेहा के हाथ मशीन की तरह चल रहे थे। एक तरफ गैस पर कुकर सीटी दे रह…
दोपहर के करीब दो बज रहे थे। डाइनिंग टेबल पर जूठे बर्तनों का ढेर लगा था और विशाखा जल्दी-जल्दी उन्हें समेट कर सिंक में डाल रही थी। अभी-अभी उसके पति सुमित और दोनो…
अंजलि जब शादी के बाद पहली बार अपने ससुराल आई थी, तो उसके मन में कई तरह की आशंकाएं और डर थे। समाज में सास-ससुर और ससुराल को लेकर जो धारणाएं बनी हुई हैं, वे किसी…
मेरे घर के सामने एक कम्युनिटी हाल है, या अगर यों कहें कि कम्युनिटी हाल के सामने मेरा घर है तो भी घर की भौगोलिक स्थिति में कोई अंतर नहीं आएगा. कम्युनिटी हाल के …
विशाखा और सौरभ एकसाथ कालेज में पढ़ते थे. कालेज के अंतिम वर्ष तक आतेआते उन दोनों की मित्रता बहुत गहरी हो गई थी. विशाखा एक संपन्न परिवार की इकलौती बेटी थी. वह ना…
‘तुम गई नहीं..?’’ ‘‘कहां?’’ ‘‘आजर भाई को देखने…’’ ‘‘मैं क्यों जाऊं?’’‘‘घर के सब लोग जा चुके हैं लेकिन तुम हो कि अभी तक नहीं गई. आखिर वह तुम्हारे मंगेतर हैं.’’ …
ईमानदार संसारचंद मेहनत में यकीन रखने वाला नौजवान था. एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले संसारचंद की 3 बहनें और एक छोटा भाई था. 2 बहनों की शादी पहले ही हो चु…
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