पूजा सुबह से गुमसुम बैठी थी. आज उस की छोटी बहन आरती दिल्ली से वापस लौट रही थी. उस को आरती के वापस आने की सूचना रात को ही मिल चुकी थी. साथ ही इस बात की भनक भी म…
‘‘दादू …’’ लगभग चीखती हुई झूमुर अपने दादू से लिपट गई. ‘‘अरेअरे, हौले से भाई,’’ दादू बैठे हुए भी झूमुर के हमले से डगमगा गए, ‘‘कब बड़ी होगी मेरी बिटिया?’’ ‘‘और क…
मां की मौत के बाद ऋजुता ही अनुष्का का सब से बड़ा सहारा थी. अनुष्का को क्या करना है, यह ऋजुता ही तय करती थी. वही तय करती थी कि अनुष्का को क्या पहनना है, किस के …
अभय बहुत देर तक यों ही बैठा रहा. उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे. उसे अपने ऊपर गुस्सा आ रहा था कि क्यों उस ने सफाई करने की ठानी थी. न वह मम्मी की अलमारी क…
रात के ग्यारह बज चुके थे। रसोई में बर्तनों की खड़खड़ाहट अभी भी शांत नहीं हुई थी। "आरव, बेटा जल्दी से दूध पीकर सो जा। सुबह तेरी बुआ आने वाली हैं, मुझे बहुत…
ईमानदार संसारचंद मेहनत में यकीन रखने वाला नौजवान था. एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले संसारचंद की 3 बहनें और एक छोटा भाई था. 2 बहनों की शादी पहले ही हो चु…
कालेज का गलियारा, वही कैंटीन के ठहाके और लाइब्रेरी की खामोशी. इन सब में एक कहानी पल रही थी, करण और प्रिया की. दोनों एकदूसरे में इस कदर खोए थे कि कालेज की पढ़ाई…
कहानी
Social Plugin